यह है दुनियां का सबसे बड़ा रहस्य ,क्या है जीवन, क्या है प्राण, कैस होती है ईश्वर की प्राप्ति
यह है दुनियां का सबसे बड़ा रहस्य ,क्या है जीवन, क्या है प्राण, कैस होती है ईश्वर की प्राप्ति जीवन का आनन्द केवल वोहि व्यक्ति ले सकता है जो समय की महत्ता को समझेगा, इस कार्य को इस उदाहरण से समझने की कोशिश किजिएगा। अगर मानलों आपके 100 रूपये कहीं गिर जाते हैं और आप उनकों ढुडने की कोशिश करते हो और न मिलने पर आप दुःख विलिन हो जाते हो आप अपना कुछ समय उसी दुःख के कारण खराब करते हों तो क्या आपके कीमती सयम की कीमत उस 100 रूपये से भी कम हैं बस यहां इतना ही समझना होगा कि - खोया हुआ धन वापस आसकता है परन्तु खोया हुआ समय कभी भी वापस नहीं आता प्राण साक्षात् ब्रम्हा से अथवा प्रकृति रूपी माया से उत्पन्न है। प्राण गत्यात्मक है। इस प्राण की गत्यात्मकता सदा गतिक वायु में पाई जाती है। शरीरगत स्थानभेद से एक ही वायु प्राण, अपान आदि नामों से व्यह्रत होता है। प्राण षक्ति एक है। इसी प्राण को स्थान व कार्याे के भेद से विविध नामों से जाना जाता है। देह मंे मुख्य रूप से पाँच प्राण तथा पाँच उपप्राण है। क्या हैं प्राणों की अवस्थिति तथा कार्य 1. प्राण- शरीर में कंठ से लेकर ह्रदय ...